जयपुर संपादकीय

लोकतंत्र का गुलाबी धोखा

संपादक की राय

आज फिर जयपुर के उन पाँच मतदान केंद्रों पर ईवीएम ने अपनी किस्मत का फैसला सुनाया, जहाँ पहले वोट पड़े ही नहीं थे – या यूँ कहें, ठीक से पड़े नहीं थे। यह गुलाबी नगरी का कौन सा नया रंग है, जहाँ लोकतंत्र का उत्सव हर बार अधूरा ही रह जाता है? क्या यह भी कोई चुनावी रणनीति है, जनता को वोट देने के लिए दो-दो बार बुलाने की?

जब हम ‘डिजिटल इंडिया’ और तकनीकी क्रांति की बातें करते हुए नहीं थकते, तब हमारे लोकतंत्र का आधार स्तंभ, हमारी आधुनिक ईवीएम मशीनें, ‘तकनीकी खराबी’ का तमगा ओढ़कर दोबारा मतदान की घोषणा करवा देती हैं। यह कैसी विडंबना है कि जिस गुलाबी शहर में हर गली में हुनर और कारीगरी की बात होती है, वहाँ एक साधारण सी मशीन भी अपनी जवाबदेही ठीक से पूरी नहीं कर पाती। क्या ‘तकनीकी खराबी’ सिर्फ एक सुविधाजनक पर्दा है, जिसके पीछे मानवीय लापरवाही, अक्षमता या शायद कुछ और छिपा हो?

जनता, जिसे अपनी दिनचर्या छोड़कर एक बार मतदान केंद्र तक खींचा जाता है, उसे ही फिर से इस तमाशे का हिस्सा बनने के लिए मजबूर किया जाता है। उनके कीमती समय और विश्वास की कीमत क्या है, यह सवाल कौन पूछेगा? क्या वोट डालना अब अधिकार नहीं, बल्कि एक थका देने वाला कर्मकाण्ड बन चुका है, जिसे बार-बार दोहराया जाना है?

क्या इस बार चुनाव आयोग की नींद खुली होगी या फिर ‘जांच चल रही है’ की पुरानी रट फिर सुनाई देगी? यह कैसा तंत्र है, जहाँ गलती किसकी है, यह कभी पता नहीं चलता और खामियाजा सिर्फ आम आदमी भुगतता है? मशीनें बोलती नहीं, वे सिर्फ निर्देशों का पालन करती हैं। तो गलती मशीन की है या उसे चलाने वालों की?

यह सिर्फ ईवीएम की तकनीकी खराबी नहीं, यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के उस हिस्से की खराबी है जो नागरिकों के विश्वास को लगातार कमज़ोर कर रहा है। जब मतदान की प्रक्रिया ही इतनी संदिग्ध और त्रुटिपूर्ण हो, तो फिर चुनावों के परिणामों पर कितना विश्वास किया जा सकता है? क्या हम एक ऐसे लोकतंत्र की नींव रख रहे हैं, जो हर चुनाव में अपनी ही कमज़ोरियों के भार तले दब रहा है?

जयपुर के उन मतदाताओं से पूछिए, जिन्होंने दो बार धूप में खड़े होकर अपनी उँगली पर स्याही लगवाई। क्या उनके लिए यह ‘गुलाबी नगर’ अब सिर्फ वादों और तकनीकी विफलताओं का एक और रंग बन गया है? या फिर अगला चुनाव भी इसी दोहराव का इंतज़ार करेगा, जहाँ हर बार कोई नई ‘खराबी’ लोकतंत्र के चेहरे पर एक नया धब्बा लगा जाएगी?